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हो सकते है गंà¤à¥€à¤° परिणाम
à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ (Antibiotics) à¤à¤¸à¥€ दवाà¤à¤‚ हैं जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ के इलाज में मदद करती हैं. à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ के साथ इलाज किठजाने वाले कà¥à¤› अधिक सामानà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ में बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस, निमोनिया और यूरिन संकà¥à¤°à¤®à¤£ शामिल हैं.
à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को मारता है या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बढ़ने से रोकता है.
बहà¥à¤¤ से लोग हैं जो छोटी-मोटी परेशानी होने पर à¤à¤‚टीबायोटिक दवाइयां लेने पर जोर देते हैं, लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं इस तरह से à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ लेने से सेहत को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है.
à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं के नà¥à¤•सान
1. बà¥à¤²à¤¡ रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨
कà¥à¤› à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ आपके बà¥à¤²à¤¡ में बदलाव का कारण बन सकते हैं. जैसे, लà¥à¤¯à¥‚कोपेनिया शà¥à¤µà¥‡à¤¤ रकà¥à¤¤ कोशिकाओं की संखà¥à¤¯à¤¾ में कमी है. इससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ बढ़ सकता है.
à¤à¤• अनà¥à¤¯ बदलाव है थà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥‹à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, जो पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ का निमà¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤° है. यह रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ, चोट लगने और रकà¥à¤¤ के थकà¥à¤•े को धीमा करने का कारण बन सकता है.
2. à¤à¤‚टीबायोटिक रेजिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स
à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं की वजह से बॉडी à¤à¤‚टीबायोटिक रेजिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स हो सकती है.
इसका मतलब है कि आप इन दवाओं का अधिक सेवन करते हैं तो आपका शरीर इसका इतना आदी हो जाता है कि à¤à¤• समय पर इसका कोई असर ही नहीं होता है, à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में किसी गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ के इलाज में ये दवाà¤à¤‚ शरीर पर कारगर साबित नहीं होती.
3. à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€
à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ होती है.
कà¥à¤› à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हलà¥à¤•ी हो सकती हैं, लेकिन अनà¥à¤¯ गंà¤à¥€à¤° हो सकती हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चिकितà¥à¤¸à¤•ीय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत होती है. à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सांस लेने में तकलीफ, पितà¥à¤¤à¥€, जीठऔर गले में सूजन शामिल हो सकते हैं.
4. पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानी होना
कई à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ पेट खराब या अनà¥à¤¯ गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² साइड इफेकà¥à¤Ÿ का कारण बनती हैं. इनमें जी मिचलाना, उलà¥à¤Ÿà¥€, पेट में à¤à¤‚ठन और दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती हैं.
5. किडनी पर असर
à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ दवाà¤à¤‚ बहà¥à¤¤ अधिक लेने से किडनी पर à¤à¥€ असर पड़ सकता है.
6. बीमारियों को नà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¾
बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में या फिर बेवजह à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ लेने से हमारे शरीर के हेलà¥à¤¦à¥€ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ खतà¥à¤® होने लगते हैं. इसकी वजह से आपकी सेहत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कई तरह की गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा हो सकती हैं.
à¤à¤‚टीबायोटिक रेजिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स रोकने के उपाय-
दवाओं का सेवन करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें.
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के बताठअनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं का सेवन करें और मातà¥à¤°à¤¾ का à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें.
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